
बदायूं, 30 अप्रैल। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय आह्वान पर जनपद की सभी तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
बदायूं में मालवीय आवास गृह पर सुबह से ही हरी टोपी धारी किसान एकत्र हुए और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल को ज्ञापन सौंपा।
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भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। फार्मर रजिस्ट्री और इंतखाब-खतौनी के आधार पर खाद वितरण जैसी पाबंदियों से किसानों को परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने विद्युत विभाग पर भी जमकर निशाना साधते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में एसी और बड़े लोगों को राहत देने के लिए बिजली आपूर्ति हो रही है, जबकि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। दो घंटे की भी बिजली आपूर्ति न होने से करोड़ों रुपये की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
सदर तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं, जिन्हें तुरंत लागू कर दिया जाता है, जबकि किसानों की समस्याएं वर्षों तक अनसुनी रहती हैं। उन्होंने वृद्धा पेंशन के नियमों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों की आय की जांच होती है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की आय पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
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मंडल सचिव विनोद बाबू सक्सेना ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की आवाज नहीं सुनी गई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी के लिए हाईकमान के निर्देश मिल चुके हैं।
इस मौके पर सदर तहसील उपाध्यक्ष कैसर अली, सलारपुर ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू सैफी, बृजपाल प्रजापति, जिला प्रचार मंत्री कल्लन मियां, तस्लीम गाजी, भंवर पाल सिंह, भगवान दास वाल्मीकि, सुनील कुमार, नरेंद्र यादव, समसुद्दीन गाजी, शिवदयाल सागर समेत कई किसान मौजूद रहे।



शकील भारती संवाददाता