
बदायूं, 15 मई। नमामि गंगे जैविक खेती परियोजना के तहत किसानों द्वारा जैविक खेती अपनाकर खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। ग्राम सिकंदराबाद निवासी किसान वीर प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने 0.4 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती शुरू कर गेहूं की फसल उगाई।
उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट और हर्बल कीटनाशकों का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रखा। जैविक खेती में उत्पादन भले ही 20 से 25 प्रतिशत कम रहा, लेकिन लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आने से लाभ में बढ़ोतरी हुई।
परियोजना के तहत किसानों को जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और जैविक कीटनाशकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि भी डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है।
जैविक खेती से किसानों की आय बढ़ने के साथ महिला कृषकों की भागीदारी भी मजबूत हुई है। महिलाएं समूहों के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और अन्य ग्रामीण महिलाएं भी इससे प्रेरित होकर जैविक खेती की ओर आकर्षित हो रही हैं।



कार्यालय संवाददाता आनंद प्रकाश