
मुंबई में मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा ने किया सम्मानित, शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में योगदान की सराहना
बदायूं। शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास, कंप्यूटर शिक्षा, साइबर सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बदायूं के एसवीएच ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस को मुंबई में ‘भारत के 100 सर्वश्रेष्ठ संस्थान’ सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुंबई के अंधेरी स्थित कोहिनूर कॉन्टिनेंटल होटल में आयोजित सम्मान समारोह का आयोजन हेलो डिजिटल इंडिया एवं डीआईआरटीपी इंडिया द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा ने एसवीएच ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक दिनेश सिंह यादव और प्रबंध निदेशक ईशा मल्होत्रा को सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर एसवीएच इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एवं एसवीएच इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, ब्रज कुटीर, सिविल लाइंस, बदायूं को ‘शिक्षा में उत्कृष्टता सम्मान-2026’ के तहत स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समारोह में हेलो डिजिटल इंडिया एवं डीआईआरटीपी के निदेशक अमजद साठे, मोटिवेशनल स्पीकर आशीष कुमार तिवारी सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के 16 राज्यों से प्रतिभागियों एवं विभिन्न संस्थानों ने सहभागिता की।
आयोजकों ने एसवीएच ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा पिछले 14 वर्षों से शिक्षा, कौशल विकास, कंप्यूटर शिक्षा, साइबर जागरूकता एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। संस्थान की ओर से वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कोडिंग, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा एवं उन्नत कंप्यूटर शिक्षा जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद दिनेश सिंह यादव ने अपने शैक्षिक एवं व्यावसायिक सफर की जानकारी साझा करते हुए बताया कि शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी की और सफलता प्राप्त की। बाद में उन्होंने छोटे शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे विद्यार्थियों के लिए कार्य करने का निर्णय लिया, जिन्हें आधुनिक शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।
उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से अब तक 400 से अधिक विद्यार्थियों का विभिन्न सरकारी चयन प्रक्रियाओं में चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। इसी सोच के साथ संस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, कोडिंग, डेटा विश्लेषण एवं उन्नत कंप्यूटर शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संस्थान की ओर से समय-समय पर साइबर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाता है।
इस अवसर पर सोनू शर्मा ने कहा कि किसी एक उपलब्धि को हासिल कर लेना सफलता का अंतिम पड़ाव नहीं है। व्यक्ति को अपने ज्ञान और अनुभव का लाभ समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाते रहना चाहिए, ताकि व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ समाज के विकास में भी योगदान बढ़े।
दिनेश सिंह यादव ने युवाओं से केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने कौशल, तकनीकी ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों को सीखकर आत्मनिर्भरता एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने सम्मान के लिए हेलो डिजिटल इंडिया, डीआईआरटीपी, अमजद साठे, सोनू शर्मा, आशीष कुमार तिवारी एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसवीएच इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एवं एसवीएच इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षा, कौशल विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशिक्षण का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।


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