
बदायूँ। आज 28 मई ‘Menstrual Hygiene Day’ के अवसर पर मैं समाज के सभी लोगों से एक महत्वपूर्ण संदेश साझा करना चाहती हूँ।
मासिक धर्म कोई शर्म या छिपाने की बात नहीं है, बल्कि यह हर महिला के जीवन की एक प्राकृतिक और आवश्यक प्रक्रिया है। हमें
अपनी बेटियों को सही जानकारी, स्वच्छता और आत्मविश्वास देना होगा, ताकि वे बिना किसी डर, संकोच और भेदभाव के स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।
आइए, हम सभी मिलकर पीरियड्स से जुड़े मिथकों, भ्रांतियों और अंधविश्वासों को खत्म करें तथा एक जागरूक, सुरक्षित और संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएँ।


आनंद प्रकाश की खास रिपोर्ट