बदायूं, 3 जुलाई शुक्रवार को एक पीड़ित महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट तथा घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता मुस्कान अंसारी, पत्नी मुनीब अंसारी, निवासी मोहल्ला चौधरी सराय, मथुरिया चौक, थाना कोतवाली, बदायूं ने बताया कि उसका विवाह 18 जनवरी 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में उसके मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य से अधिक दान-दहेज दिया, लेकिन इसके बावजूद पति, सास और ननद दहेज से संतुष्ट नहीं थे। आरोप है कि विवाह के बाद से ही
उसके साथ लगातार मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना की जाती रही। उसे कई बार भूखा रखा गया तथा रसोई में ताला लगाकर घर में बंद रखा जाता था।
पीड़िता ने बताया कि 10 नवंबर 2022 को उसने एक पुत्री को जन्म दिया। इसके बाद कथित रूप से ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट कर उसे बच्ची सहित घर से निकाल दिया। आरोप है कि उसके पति ने पहली पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह भी कर लिया। जब वह दोबारा ससुराल पहुंची तो उसे घर में
प्रवेश नहीं करने दिया गया और बच्ची सहित भगा दिया गया।
मुस्कान अंसारी का कहना है कि उसने थाना कोतवाली में कई बार शिकायत देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी शिकायत न तो दर्ज की गई और न ही उसे रसीद दी गई। बाद में उसे सोथा चौकी भेज दिया गया, जहां भी पुलिस ने यह कहकर मदद करने से इनकार कर दिया कि वह अपने मायके आगरा चली जा इसके बाद महिला थाना, कोतवाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बावजूद उसे अब तक न्याय नहीं मिल सका।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसे उसके वैवाहिक घर में रहने का अधिकार दिलाया जाए, उसका दहेज का सामान और अन्य सामान वापस दिलाया जाए तथा पति द्वारा पहली पत्नी के रहते दूसरा विवाह करने और उसके साथ की गई मारपीट एवं उत्पीड़न के मामले में विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही उसे और उसकी तीन वर्षीय पुत्री को न्याय दिलाने की मांग की है।


कार्यालय संवाददाता आनंद प्रकाश