ब्रिटिश संसद में गूंजी बदायूं के युवा अधिवक्ता अमन आलम की आवाज़

बदायूं। शहर निवासी 26 वर्षीय अधिवक्ता अमन आलम, जो वर्तमान में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत कर रहे हैं और साथ ही लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई भी कर रहे हैं, उन्होंने 3 और 4 जून 2026 को ब्रिटिश संसद के ऐतिहासिक हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में अपने विचार व्यक्त किए।

यह प्रतिष्ठित सम्मेलन Lord Uday Nagaria की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञ और अधिवक्ताओं ने भाग लिया। अमन आलम ने सम्मेलन में भारतीय न्याय व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों और वैश्विक कानूनी चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
अमन आलम का नाम वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट के सबसे कम उम्र

के नियुक्त एमिकस क्यूरी यानी न्यायमित्र के रूप में भी चर्चा में रहा है। वर्तमान में वे लंदन के उस ऐतिहासिक संस्थान में बैरिस्टर की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जहां से Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru, Sardar Vallabhbhai Patel और B. R. Ambedkar जैसे महान व्यक्तित्व भी कानून की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।
अमन आलम एक प्रतिष्ठित विधिक परिवार से संबंध रखते हैं। उनके दादा स्वर्गीय मौलवी फखरे आलम जिले के जाने-माने अधिवक्ता और राजनीतिक व्यक्तित्व रहे हैं, जबकि उनके पिता अनवर आलम वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता रह चुके हैं।
अमन आलम वर्ष 2022-23 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश Justice Krishna Murari के रिसर्च एसोसिएट के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। देश के अनेक विधि शिक्षण संस्थान उन्हें व्याख्यान के लिए आमंत्रित कर चुके हैं।
उनकी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से बदायूं जिले में खुशी का माहौल है और विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं विधिक संगठनों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

कार्यालय संवाददाता आनंद प्रकाश

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