
बदायूँ। 15 जुलाई।
युवा मंच संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास पर उनके नाम संबोधित एक विस्तृत शिकायती ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपकर बदायूं सिटी मॉल में संचालित कथित बार से जुड़े वायरल वीडियो की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अर्धनग्न महिलाओं का नृत्य, शराब का सेवन एवं परोसना, भारतीय मुद्रा के नोट उड़ाना तथा अश्लील गीतों पर प्रस्तुति जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जिससे जनपद बदायूं की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक छवि प्रभावित होने की आशंका है।
संगठन ने मांग की है कि संबंधित प्रतिष्ठान के सभी वैधानिक दस्तावेजों एवं अनुमतियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसमें बार लाइसेंस, आबकारी विभाग की अनुमति, मनोरंजन संबंधी स्वीकृति, अग्निशमन विभाग की एनओसी, एफएसएसएआई लाइसेंस (यदि भोजन परोसा गया हो), ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, संगीत एवं कॉपीराइट संबंधी स्वीकृतियां तथा जिला स्तरीय बार समिति की मंजूरी सहित अन्य सभी आवश्यक मानकों की जांच शामिल हो।
ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि यह आयोजन निजी पार्टी था, तो उसके स्वरूप, पास वितरण, शराब के सार्वजनिक प्रदर्शन, आयोजन के व्यावसायिक पहलुओं तथा संबंधित प्रशासनिक अनुमतियों की भी विधिसम्मत जांच कराई जाए। साथ ही भवन की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी जांच कराने की मांग की गई है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में पूर्व में जिलाधिकारी बदायूं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को कार्यालय जाकर, ई-मेल तथा व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायती प्रार्थना पत्र भेजे जा चुके हैं। संगठन का आरोप है कि अब तक अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण मामला उच्च स्तर पर उठाया गया है।
संगठन ने यह भी बताया कि इस प्रकरण पर क्षत्रिय महासभा बदायूं के संगठन मंत्री भूराज सिंह राज लॉयर तथा विश्व हिंदू रक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सोनू वर्मा ने भी सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
युवा मंच संगठन, विश्व हिंदू रक्षा परिषद एवं श्री भगवा सेना ने प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



कार्यालय प्रभारी आनंद प्रकाश